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अमेठी की बेटी को भी मिलेगा रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार

अमेठी- जिले की प्रतिभावान बेटी का चयन रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार के लिए होने से जनपद का नाम रोशन किया है। प्रदेश की 394 महिलाओं को प्रदेश सरकार रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित करने का कार्य सोमवार को किया जा रहा है। इस पुरस्कार में प्रशस्ति पत्र एवं एक-एक लाख रूपये प्रदान किया जायेगा। वंशराज साहू व श्रीमती सावित्री साहू के पुत्री आरती साहू जिले के औद्योगिक क्षेत्र जगदीशपुर के आदित्य बिडला स्कूल से 12वीं कक्षा पास कर लखनऊ से बीटेक करने के बाद कम्युनिुटी इम्पावरमेंट लैब(ब्म्स्) के तत्वाधान में उसे रिचर्स का मौका मिला, जिसमें बच्चों के कुपोषण के शिकार के चलते बच्चों की अल्पायु में ही मौत होना विषय रहा। डिपार्टमेंट वूमन आफ चाइल्ड वेलफेयर के आंकडों के मुताबिक प्रदेश में 3.5 लाख बच्चे हर वर्ष अपना 5वां बर्थडे नही मना पाते। आरती साहू ने 2015-16 में इस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए रायबरेली जिले के महराजगंज तहसील के बरहुआ ग्राम से शुरू करनेपर आंगनबाडी ,आशाबहुओं, व स्वयं सहायता समूहों की मदद से 200 ग्रामों आठ हजार माताओं व परिवारों के सदस्य से मिलकर कुखेषण से बचने के लिए हैंण्डवाश आदि परिवारों को जानकारी दी और इसके प्रति जागरूक किया। करीब छः हजार बच्चों को कुपोषण से बचाने का कार्य किया। इस समाजिक कार्य के लिए बी0बी0डी0वि0वि0 की रिचर्स छात्रा को प्रदेश सरकार आरती साहू को रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार से सम्मानित करने का फैसला किया है।

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भारत की राजनीति में प्रियंका गांधी !

भारतीय राजनीति में कांग्रेस की तरफ से एक और गांधी की एंट्री हुई है ,नाम है प्रियंका गांधी । कभी रिश्तो की डोर लेकर अमेठी की राजनीति में सरगर्मी मचाने वाली कभी मां के चुनाव की कमान संभालती तो कभी भाई राहुल गांधी के चुनाव की कमान संभालने का कार्य प्रियंका गांधी करती थी । प्रत्यक्ष -अप्रत्यक्ष रूप से उनका नाता राजनीति से जुड़ा रहा है और अक्सर कांग्रेस की तरफ से प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में आने के लिए दबाव बनाया जाता रहा है या फिर मीडिया कि लोग जब पूछते कि आप कब आ रही हैं सक्रिय राजनीति में तब जबाब में बस मुस्कुरा कर आगे निकल जाती थी । आज वही प्रियंका गांधी भाई के साथ कदम से कदम मिलाने की सोच लेकर भारतीय राजनीति में आ चुकी हैं । ऐसा नहीं है कि राजनीति में पहली बार आई हैं, मां और भाई के चुनाव को बखूबी संभालती थी इतना ही नहीं उनकी सीटों के अलावा आसपास के जिलों की सीटों में प्रचार भी किया था।  अब तक कितना डंका इनका बज चुका है यह तो पिछले इतिहास को देख कर ही पता चलता है ।लेकिन एक बात तय है कांग्रेस जिस हाल में आज खड़ी है प्रियंका गांधी कांग्रेस के नेताओं व कार्यकर्ताओं के लिए संजीवनी…

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