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बिन्दास बोल ------

Iभारत के हुक्मरानों को क्या हो गया है कि यह पाकिस्तान से बात करने के लिए बेचैन क्यों रहते हैं। हर बार मिलता है धोखा;झूठ व मक्कारी।कितना चोंचले बाजी कर विश्व को जताने की आवश्यकता नहीं है कि हम सही है। कोई जरूरत नहीं है इस आतंकवादी देश से बात करने की । देश की जनता के मनोदशा को समझना चाहिए और इस पडोसी देश को कठोर सबक सिखाने की आवश्यकता है। लेकिन क्या ऐसा संभव है इस देश के कर्णधार नेता पाकिस्तान को ढंग से सबक सीखा सकेंगे।तभी तो जनता के मुखार विन्दो यही निकलता है

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प्रिय पाठकों होली की शुभकामनाएं.....

राजनीति के मंच पर छन रहे सियासी पकौड़े

‌आजकल देश में समस्याओं को दरकिनार कर राजनीतिक दल पकौड़े के पीछे  चुके हैं। सोशल साइट पर इसे लेकर कोहराम मचा है,कि मोदी जी ने ये कह डाला देश का युवा बेरोजगार पकौड़ा बेचे, घोर अपमान । इतना ही नही विभिन्न दल के नेता पकौड़ा तलते नजर आ रहे हैं। अब बात करें कि ये बात किधर से आई!  विगत 19 जनवरी को देश के एक बड़े चैनल में इंटरव्यू के दौरान एक प्रश्न के उत्तर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि बहुत से बेरोजगार लोगों को बैंक से ऋण दिया गया है , जिससे वे अपना छोटा मोटा व्यवसाय खोल सकें। उदाहरण के रूप में चाय व पकौड़े की दुकान खोलने की बात कही, जिससे अपना जीवन यापन कर सके। फिर क्या था विपक्षी राजनीतिक दलों के भी पकौड़े  छनने लगे। इसे तो मुद्दा ही बना दिया गया और युवाओं से जोड़ दिया । कांग्रेस हो या फिर समाजवादी पार्टी के नेता आजकल सड़कों पर उतर कर पकौड़ा तलने  में जुट गए हैं । इनका मानना है कि देश के बेरोजगारों को पकौड़े बनाने की सलाह देकर उनका मोदी जी ने अपमान किया है। ये तो हुई राजनीति की बातें । मोदी जी के बयान के मायने चाहे जितने लगाये जा रहे हों,लेकिन ये भी एक सच्चाई है कि आज भी देश में लाखों…

दुश्मनों पर रहम का अनर्गल प्रलाप क्यों .....!

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